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मेरा नाम आरती राम शर्मा उमर 28 साल है और मैं मुंबई में रहता हूं आज जो कहानी मैं लिख रहा हूं ये मेरे जीवन की सच्ची कहानी है बात उन दिनों की है जब मैंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली थी या मैं नौकरी के लिए परीक्षा दे रहा हूं मुंबई से बाहर जाता रहता था। तो बात इस तरह से है कि मैं परीक्षा देने के लिए तैयार हो गया था और हमारा यहां गांव में दादा जी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी घर से सभी मम्मी पापा और भाई वहां चले गए और अचानक उनके जाने के बाद माई आ गया तो पड़ोस से पता चला कि वो गांव में गए हैं तभी हमारे सामने सीमा आंटी रहती थी उन्हें मैंने अपने घर में बुला लिया। पहले मैंने आपको बताया दो सीमा आंटी की उम्र 40 साल थी और उनके दो लड़के जोकी बोर्डिंग में पढ़ते थे और उनके पति बैंक में नोकरी करते थे और दूसरे हफ्ते मैं दो ही दिन घर पर खाते थे क्योंकि बैंक उनके घर से बहुत दूर होने की वजह तो सीमा आंटी का फिगर 36-32-36 था और मुझे वो बहुत पसंद था। माई उनके घर में चला गया उनको मुझे चाय पिलाई और फिर इधर उधर की बाते होती रही फिर आंटी ने कहा कि तुम यहां ही रह जाओ जब तुक तुम्हारे घर वाले नहीं एते अभी तुम आराम करो मैं नहाने जा रही हूं।
थोरी देर बाद अचानक किसी की गिरने की आवाज आई और मैंने देखे के आंटी-आंटी बाथरोम में गिर गई है और मुझे आवाज लग रही है, बाथरोम की तरफ गया और आंटी को पुकारा तो अनहोन दरवाजा खोला वो गिर गई थी और उनके कूल्हों पर चोट लगी थी और मैंने उनको देखा तो वो बिल्कुल नंगी थी और उन्हें ऐसे ही देखा रहा फिर उन्हें कहा कि मुझे उठाओ तुम मेरे हाथ को सहारा देकर उनको उठाओ और उन्हें तौलिया से अपना शरीर ढका और कहने लगी मुझे बदरोम तक ले चलो। मुझे उनके दर्द से चिल्लाने की आहा आ रही थी और मुझे लगता है कि उनको बड़ी तकलीफ हो रही थी तो मैंने कहा कि आंटी माई दवा लगा देता हूं ताऊ उन्हें कहा मैं अपने आप लगा लूंगी तुम जरा आयोडेक्स ला दो मैंने ला कर दे दी और आंटी ने मुझे आवाज लगाई तो मैं गया इस वक्त आंटी ने अपनी ऊपर चद्दर ओडी राखी थी और उन्हें कहा कि मुझे आयोडेक्स लगा दो मैंने धीरे-धीरे आयोडेक्स लगाई जहां उनके हाथ से बताया अचानक चादर वाहा से खिसक गई और इस बार आंटी ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया जब मैं आयोडेक्स लगा रहा था तो मेरा ध्यान के हिप होल पर जो बहुत सुंदर लगा रहा था आदमी कर रहा था अभी उंगली डाल दो, इधर मेरा लंड भी मेरे बकाबू में नहीं था थोरी देर बाद आंटी ने जब हाथ से इशारा करना चाहा तो उनका हाथ मेरा लंड से टच हो गया और उन्हें भी इस बात का एहसास हो गया तब आंटी ने कहा कि थोड़ी सी तरफ लगा जहां पर उनकी छूट थी तो मैं लगाने लगा तो मेरा लंड फान फन लगा और बेकाबू होने लगा तब ऑटी में गर्म हो गई थी और अनहोन।
मेरे लंड को ऊपर से सहलाया और कहने में देर कभी किसी को चोदा है ताऊ मैंने कहा नहीं सिर्फ कुछ बीएफ देखी है और कहा कि मुझे चोदेगा ताऊ मैंने कहा हा आंटी ताऊ उनको काया मुझे सीमा कहा कर पुकार अब सारा मामला मेरी समझ में आ गया आंटी ने जान भुज कर ये नाटक किया। मैंने कहा सीमा डार्लियंग अगर तुमने चुदवाना ही था तो मेरे सामने नंगी हो कर एक जाति मैंने तुम्हें वैसे ही चोद दिया ताऊ कहने लगी अब सीमा तुम्हारे हवाले आज से मैं तेरी रंडी जो करना चाहता हूं कर ले टॉप मैंने कहां आंटी आपकी गांड बहुत अच्छी लग रही है अगर आप बुरा ना माने तो मैं चैट कर सकता हूं। बोली साली कुत्ते आंटी किसको कहता है मैंने कहा हरामजादी साली चल उल्टी हो गांड चटवा बोली कुत्ते तांग उठा कर चाट साले तेरे लिए तो ये गांड है साली चाट हरामी चैट सेल कुत्ते अभी तो मैं तुझे अपनी टूटी भी कहूंगी। मैंने कहां जानेमन तेरे लिया तो सब कुछ करने को तैयार हो तो मैंने सीमा की गांड 1/2 घंटे तक चाटी और उसका बहुत बुरा हाल था और कहने लगी मुझे चोद डाल मैंने उसको बुरी तरह से चोदा और 25 मिनट के बाद अपना सार माल सीमा के मुंह में डाल दिया सीमा सारा माल चैट कर मेरा लंड साफ कर दिया और उसके खराब मैंने तीन दिनो तक सीमा की भरपुर चुदाई करी और तीन दफा उसकी गांड भी मारी सबसे ज्यादा मजा मुझे उसकी गांड चाटने में आया और दो बारी मैंने उसकी मूट भी पिया
