Mere Sasur Se Sex – Hindi sex stories

हेलो मेरे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम है शालिनी, और ये मेरी पहली कहानी है आप सभी के लिए, Jaipur Call Girls आज मैं आप सभी को मेरी जिंदगी की एक सच्ची घटना बताने जा रही हूं.. जो बात है अपने पति या फिर किसी सहेली को बता नहीं सकती..मैं 30 साल की हूं। मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंधित हूं। मेरी शादी 8 साल पहले हुई थी..
हमलोग जमशेदपुर में रहते हैं.. हमारे घर में 5 सदस्य हैं मेरे ससुर, पति और 2 बच्चे.. ये घाटना आज से कुछ साल पहले की है जब मेरा बड़ा बेटा 1 साल का था और मेरे पति की रात में ड्यूटी चल रही थी.. शिफ्ट टाइम था रात को 8 बजे से सुबह 6 बजे तक.. और तब माई मेरा बच्चा और ससुरजी अकेले घर में रहते थे… मेरी सास मेरी शादी से 2 साल पहले ही गुजर गई थी..

ऐसी ही कुछ और कहानियाँ

Mami Ki Behan real sex story

ये घाटना तब घटी थी जब मेरी उमर करीब 24 साल थी, प्लीज मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी किसी को ना बताना। और मेरे ससुरजी की 53 साल। चाहे मेरे ससुर 53 साल के हो पर वो लगते थे 40-45 साल के.. हमें वक्त राजीव की ड्यूटी के चलते हमलोग रात को सेक्स नहीं कर पाते थे.. और दिन में 1बीएचके फ्लैट पर ससुर रहते सेक्स करना बड़ा ही मुश्किल था.. फिर भी अगर कभी मौका मिलता तो हमलोग जल्दी जल्दी में ही सेक्स करते कर लेते थे.. मुझे जल्दी सेक्स करना अच्छा नहीं लगता है… या ये बात मेरे पति भी जानता है.. पर हम लोग मजबूर थे हमारा वक्त। हिंदी सेक्स स्टोरी

ऐसी ही कुछ और कहानियाँRussian Escorts

प्रति सेक्स एक बेसिक जरूरत है हर शादी शुदा जिंदगी की.. या 24 साल उमर की कोई लड़की अगर शादी के बाद आधा अधूरा सेक्स करके सोना पड़े तो इसे बुरी बात कोई नहीं है.. और इस वजह से मुझे भी रात को नींद नहीं आती थी.. दोस्तो अब मैं आज की कहानी पे आती हूं.. एक रात मुझे प्यास लगी तो मैं पानी पीने के लिए किचन में चली गई.. और जब पानी पीकर मैं अपने बेडरूम में जा रही थी.. तो मुझे बाथरूम के अंदर से कुछ आवाज सुनाई दी..
हमारे बाथरूम का दरवाजा पुराना था जिस वजह से बहार से ताकने पे अंदर का सब कुछ साफ नजर आता था.. तो मैंने भी वहां से अंदर क्या चल रहा है देखने के लिए तकना शुरू किया.. तो मैंने देखा मेरे ससुरजी आधे नंगे होकर अपना लंड को हिला रहे थे..

उनका लंड देखकर मैं बिल्कुल चुक गई.. वो करीब 8.5 से 9 इंच का लंबा था.. वो अपने लंड को ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा और अपना माल दीवार पर चोद दिया.. तो मैं भी वाहा से निकल गई और बेडरूम में जा के सो गई.. ससुर जी का लंबा लंड देख मेरी पैंटी भी भारी गिली सी हो गई थी.. फिर मैं कुछ देर तक वो ही सब सोचा और सो गई.. सुबह होते ही मैं उठ गई अपना काम करना भी शुरू कर दिया.. लेकिन मुझे अपनी ससुरजी की रात वाली बात पूरा दिन याद रही..
और फिर जब मेरे पति रात को ऑफिस के लिए निकल गया.. तो माई ससुरजी को पटाने का इरादा कर लिया… मेरा बेटा हमें वक्त मेरा ही दूध पिता था.. तो जब मेरी रात को जब ससुरजी टीवी देख रहे थे उनके सामने जा कर मेरे बेटे को दूध पिलाने लग गई.. माई हमें वक्त नाइट ड्रेस पहिनी थी.. तो अपनी ब्रा को राइट साइड से उठा कर बूब्ज़ ड्रेस के ऊपर से निकला था… हिंदी सेक्स स्टोरी

पहले ससुरजी उस बात को नज़र अंदाज़ कर गए और टीवी देखने लगे.. कुछ देर के बाद फिर उन्होंने मुझे देखा और मुझे घुमा के टीवी देखने लगे पहले.. इससे पहले मैं उनके सामने कभी भी बच्चे को दूध नहीं पिलाया था.. 10 मिनट तक मेरा बच्चा दूध पीता रहा और ससुरजी चुपके से मेरे स्तनों को देखने लगे और जब मैं उनकी तरफ देखने लगी तो वो अपना मु को घुमाके टीवी के तरफ कर ले रहे थे.. अब मेरा बच्चा सो गया था लेकिन मैंने अपना चूची अंदर नहीं डाला और टीवी देखने लगी..
मेरे ससुर जी को ये पता था कि मेरा बच्चा सो गया है.. पर मैंने अपनी चूची ब्रा के अंदर नहीं डाली थी.. और वो हमें मौके का फ़ैदा उठाने के लिए मेरे बूब पे नज़र गड़ाके बैठे रहे.. जैसे के वो टीवी नहीं मुझे ही देखें बैठे थे वहां पर.. तो मैंने उनसे पूछा” पापा जी आप बार-बार मेरी और क्या देख रहे हो आप..? क्या कुछ चाहिए आपको..?
तो मैंने उन्हें कुछ नहीं कहा और उनके पास जाकर सोफे पर बैठ गई.. और अपने सिनेमा में उनका हाथ रख कर उन्हें कहा मुझे मालूम है आप मेरी चूची देख रहे थे.. इसमें इतना सरमाने वाली बात क्या है.. तो फिर ससुर जी ने भी अपना हाथ मेरे चूची पे सहलते हुए कहा हां मुझे ये देखने में बड़ा अच्छा लग रहा था.. इसलिए… देख रहा था.. और मैं तुम्हारी चुची दबाना भी चाहता था.. पर हिम्मत से काह नहीं पा रहा था…

 

माई हमेशा तुम्हें चुप-चुपके देखता था और मान ही मान चोदता था.. और धीरे-धीरे वो हमें जमीन पर पहले ब्लाउज के बटन खोलने लगे.. और अब मेरे स्तन बिल्कुल नंगे थे.. मेरी चुचियों को दबाने के लिए..मैंने उन्हें कहा कि बच्चे को बेडरूम में सुलाके ऐ..? तो अनहोन मन करदिया और मुझे अपनी बाहों में लेकर हर तरफ चूमने लगे.. मैं बिल्कुल पागल हो चुकी थी.. और वो हमें हर जगह आम की तरह चूमने लगे..
कुछ देर के बाद उन्हें मुझसे कहा बहू तुम्हारी पूरी तो बिल्कुल नरम है.. मैंने आज बहुत दिन के बाद किसी लड़की को चूसा है.. तुम्हारी सास जबसे मेरी जिंदगी से गई है मैं अपने हाथ से ही अपना माल गिरा रहा था.. आज तुम्हें मैं बहुत चोदने वाला हूं.. ये बोलकर वो मेरी साड़ी के अंदर से चूत को छूने लगे… मैं भी बिल्कुल मदहोश होने लगी..

मुझे हमारा वक्त अच्छे बुरे की कोई समझ नहीं थी.. माई बस चुदाई की चाहत में वो सब करती चली गई.. धीरे-धीरे वो मेरे बच्चे हुए कपड़े उतार दिए.. और मेरी जांगो को सहलाने लगे.. इससे मैं पागल हो उठी और ससुरजी को लिप किस करने लगी.. अन्होने अपना जीभ मेरी म्यू के अंदर डाल दिया और किस करने लगे.. मैं भी उनकी जीभ को म्यू मेरे लिए चूसने लगी..

अब मैं बिल्कुल नंगी थी… तो मैंने भी उनको सारे कपड़े उतार दिए.. और दोनों ज़मीन पे लिपटके एक दूसरे को प्यासी साबुन की तरह किस करते हुए गर्म हवा निकालने लगे.. उनका शरीर पूरा जवान लड़के के तरह ही लग रहा था.. फिर उन्हें अपना लंड मेरे हाथ लग गया दीया और चूसने के लिए इशारा किया.. इतना बड़ा लंड मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखी थी.. ऊपर से उनका लंड चौड़ा भी था..

इस लिए माई आधा ही अमू के अंदर डाल पाई.. और आधा लंड को अंदर बाहर करने लगी.. अब उन्हें मेरे बाल को पीछे से पकड़ और झटके दे दे के मेरी म्यू में अपने लंड को घुसाने लगे… कुछ देर के बाद पिता जी मेरी स्तन पकड़के चूसने लगे और एक हाथ से मेरी चूत को सहलाने लगे… मेरी चूत बिल्कुल भीग गई थी.. तो मुझे क्या कहना.. मजा आ रहा है बहू..? माई अपनी नज़र नीचे झुका के बिन कुछ बोले उनका लंड हटसे हिलने लगी.. अब उन्हें मेरी चूत को उंगली से चोदना शुरू कर दिया…
माई सिस्किया लेने लगी और वो 3 उंगली से मुझे चोदने लगा.. फिर उन्हें एक उंगली मेरी गांड में डालनी के बाद चूत को चटाना शुरू किया.. मेरी चुचियों से दूध निकालने लगा चूसने के लिए.. अब वो दूध को चूसने लगे.. और जब मेरे दोनों चूची पूरी खाली हो गईं टैब वो मेरी टैंगो के बीच आकर टांगे ऊपर कर दिए.. और अपना लंड मेरी चूत के सामने ला के धीरे धीरे घुसाने लगे…

एक ही झटके में जब वो अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसाया तो मेरे मुंह से आह की आवाज निकल आई.. इतना मोटा लंड ऊपर से इतना लंबा कि मैं ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही थी.. पर मजा बहुत आ रहा था.. धीरे धीरे उनके झटके और तेज हो रहे थे ..माई महसुस कर पा रही थी उनका लंड मेरी चूत से हो कर पेट के अंदर दस्तक दे रहा था… मेरी चूत में भी अब दर्द होने लगा.. और आँखों में दर्द के लिए अंशू भी निकल आई.. पर उनको उसका कोई फ़िक्र नहीं था.. मेरी माँ से चीख निकल गई.. आअहह आअहह उहह.. कितना मोटा है ये ऊ माँ….

पर ससुरजी को जैसे कोई होश ही नहीं.. वो लगता है अपना लंड अंदर बाहर किये जा रहे थे.. हम दोनों पसीने से पूरी तरह से बड़े हो गये थे.. हमें रात उन्होंने मुझे एक इंसान की तरह नहीं जानवर की तरह चोदा..माई पहले ही अपना पानी छोड़ चुकी थी इस लिए चोदते वक्त पिच पिच वाली आवाज निकल ना शुरू हो गई थी.. करीब आधा घंटे की चुदाई के बाद ससुरजी ने अपना माल मेरे चूत के अंदर ही डाल दिया.. और मेरे ऊपर सो गए.. उस रात 15 मिनट के बाद उन्हें 2 बार चोदा.. और फिर हम दोनों सो गए..

ऐसे ही सेक्स करते करते मुझे उनसे एक और बच्चा हुआ.. फिर हम दोनों एक साल और सेक्स किये.. उसके बाद मेरे पति की जेनरल शिफ्ट चालू हो गया और हमारा नाता टूट गया… मैं आज भी उस रात के बारे में अक्सर सोचती हूं.. क्या मैंने कुछ गलत कर दिया.. अपनी प्यास को मिटाने के लिए..??