हैलो दोस्तों, ये मेरी वो सच्ची घटना है जो मैं हमेशा से अपने दिल में छुपाकर रखना चाहता था लेकिन आज मैं आपको अपनी इस Desi Hindi Sex कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मेरा नाम राहुल है और मेरी उम्र 21 साल है। मैं कानपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ।
दोस्तों ये बात उस समय की है जब मैं कॉलेज में पहले साल का स्टूडेंट था और एमए के एग्जाम की तैयारी के लिए केमिस्ट्री की क्लास ढूंढ रहा था लेकिन कोई अच्छा टीचर नहीं मिल रहा था। तो मैंने अपने कजिन से किसी अच्छे टीचर के बारे में पूछा। वो कहने लगा कि जहां पर मैं पढ़ रहा हूं तू भी वहीं आ जा। वो टीचर बहुत अच्छी है और पढ़ाती भी बहुत अच्छा है। तो उसी शाम को मैं उसके साथ कोर्स की बात करने चला गया। मुझे मेरे घर से वहां पहुंचने में सिर्फ 15 मिनट लगे और हम अपनी मंजिल पर पहुंच गए। मेरे कजिन ने मुझे बताया कि मैडम एक स्कूल टीचर हैं और सुबह 2 घंटे और शाम को फ्री होकर घर में ही पढ़ाती हैं।
फिर हम दोनों अंदर जाकर सोफे पर बैठ गए और पहले एक 45-50 साल की आंटी पानी लेकर आईं। मैं तो डर गया और सोचने लगा कि हम गलत जगह आ गए इसे तो कुछ नहीं आता होगा और मेरा भविष्य तो गया। लेकिन थोड़ी देर बाद ही एक बेहद सुंदर लड़की कमरे में आई। फिर क्या था मेरा भविष्य गया भाड़ में और मैं उनके और अपने भविष्य के बारे में सोचने लगा। उसके बाद जो 10-15 मिनट हमारी बात हुई मुझे कुछ याद नहीं कि मैं बस हां हां करता रहा और उनका चेहरा और फिगर देखता रहा। उनकी उम्र 20-21 साल की थी भूरी आंखें गोरा रंग मीडियम बाल और सबसे सुंदर हिस्सा उनके बूब्स 34-36-38 के थे। क्या चीज थी यार वो तो अप्सरा थी।
फिर जब मैं बाहर आया तो मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैंने सुबह 6 बजे का कोचिंग शुरू कर लिया। मैं सोने में बहुत बड़ा कुंभकरण था और सुबह उठाना मेरे लिए नामुमकिन था लेकिन क्या करता इस अप्सरा ने मेरे होश छीन लिए थे और अब नींद भी। फिर सोमवार को मेरा पहला दिन था और मैं लेट नहीं होना चाहता था लेकिन रविवार की रात को मैडम के नाम की मुठ मारकर मैं इतनी गहरी नींद में चला गया कि अलार्म का पता ही नहीं चला। सुबह 6:30 बजे मेरी नींद खुली और मैं फटाफट शर्ट और जींस पहनकर निकल गया। फिर 6:45 पर मेरी स्पेशल एंट्री हुई और सारा ग्रुप मेरी ओर आंखें फाड़ फाड़कर देखने लगा लेकिन मुझे लगा जैसे मैं एक सपने से जागकर दूसरे सपने में आ गया हूं। मेरा पूरा ग्रुप लड़कियों का था और मुझे लगा जैसे मैं इन गोपियों का कृष्ण बनकर इनके साथ खेलने वाला हूं लेकिन मेरी राधा तो दिख ही नहीं रही थी। तभी मेरे कंधे पर एक हाथ पड़ा और मैडम बोलीं वेलकम नवाब साहिब इस कोर्स में आपका बहुत स्वागत है। Blog Post
फिर वो मेरे पीछे से आकर मेरे सामने वाली कुर्सी पर बैठ गईं और मुझे अपने पास वाली कुर्सी पर बैठने का इशारा किया। मैं चुपचाप बैठ गया लेकिन मेरा पूरा ध्यान उनके बूब्स पर था। वो गहरे गले का कुर्ता पहने थीं और ऊपर से कोई दुपट्टा भी नहीं था। उनके बड़े बड़े बूब्स साफ दिख रहे थे और मुझे जोर जोर से पुकार रहे थे। मैंने इतनी बड़ी और सेक्सी कल्पना आज तक नहीं देखी थी। फिर उन्होंने पढ़ाना शुरू कर दिया लेकिन मेरा लंड मुझे पढ़ने नहीं दे रहा था। पूरा ध्यान उनके बूब्स पर था और साइड वाली सीट से उनकी सफेद ब्रा की लेस साफ नजर आ रही थी जो बहुत सेक्सी लग रही थी। ऐसा नजारा देखकर मैं बहुत गर्म महसूस कर रहा था।
फिर मुझे परेशान देखकर मैडम ने पूछा क्या बात है राहुल। मैंने कहा कुछ नहीं मैडम सुबह जल्दी उठकर आ गया हूं तो थोड़ा ठीक नहीं लग रहा शायद घर जाकर कुछ खा लूं तो ठीक हो जाऊंगा। उन्होंने कहा घर जाने की जरूरत क्या है तू बैठ मैं अभी कुछ खाने को लेकर आती हूं। लेकिन मुझे भूख कहां थी भूख तो मेरे लंड को लग चुकी थी और उसे शांत करने का एक ही तरीका था घर जाकर मैडम के नाम की मुठ मारना। फिर 5 मिनट बाद मैडम कटोरी में आमलेट लेकर आई और मुझे पकड़ाते हुए जैसे ही झुकीं तो उनके 34 के बूब्स ने फिर दर्शन दे दिए। इतना साफ और पास का नजारा देखकर मैं होश खो बैठा और कटोरी मेरे हाथों से फिसलकर नीचे गिर गई।
फिर मैं बहुत बुरा महसूस करने लगा और मैडम से सॉरी सॉरी कहने लगा। मैडम ने प्यार से मुझे बैठने को कहा और कपड़ा लेकर जमीन साफ करने लगीं। अब तो नजारा और भी मस्त हो गया था। जैसे ही वो नीचे बैठतीं उनकी जांघों के दबाव से बूब्स और बाहर निकल आते थे। दोस्तों मैं तो और भी गरम हो गया था और लग रहा था कि बस 2 मिनट और रुका तो मेरा लंड दर्द से झड़ जाएगा। मैं फटाफट वहां से भाग खड़ा हुआ और घर पहुंचते ही बाथरूम में जाकर मैडम के नाम की मुठ मार दी। लेकिन मुझमें इतना सेक्स भर चुका था कि लंड झड़ने के बाद भी जोश में था और पूरी तरह शांत करने के लिए मुझे एक और बार मुठ मारनी पड़ी।
फिर एक दो बार मुठ मारने से मैं बहुत थक गया और सो गया। उस दिन पूरा नजारा बार बार मेरे सामने आ रहा था। तो मैंने तय किया कि अब दोबारा वहां नहीं जाऊंगा और कोई और टीचर ढूंढ लूंगा। ऐसे ही एक हफ्ता निकल गया लेकिन कोई टीचर नहीं मिला। तभी मेरे कजिन का फोन आया और उसने कहा कि मैडम मेरे बारे में पूछ रही थीं कि मैं पढ़ने क्यों नहीं आ रहा। कजिन ने मुझे कोर्स बीच में छोड़ने के लिए बहुत मना किया और उसके कई बार कहने पर मैं मान गया लेकिन मैं बहुत घबरा रहा था।
अगले दिन मैं फिर क्लास गया लेकिन इस बार मैंने सोचा था कि बस पढ़ाई पर ध्यान दूंगा। लेकिन जैसा ही मैडम आईं वैसे ही मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। उनकी मुस्कान उनकी चाल और उनके बूब्स देखकर मैं फिर से गर्म हो गया। क्लास के बाद उन्होंने मुझे अकेले बुलाया और पूछा कि क्या समस्या है राहुल तुम पहले दिन से ही परेशान लग रहे हो। मैंने हिचकिचाते हुए कहा कि कुछ नहीं मैडम बस थोड़ा तनाव है। उन्होंने प्यार से मेरे कंधे पर हाथ रखा और कहा कि अगर कोई बात हो तो बताना मैं तुम्हारी मदद करूंगी। उस स्पर्श से मेरे शरीर में करंट दौड़ गया।
फिर अगले कुछ दिन क्लास नियमित चलती रही। हर दिन मैं उनके करीब बैठता और उनके शरीर को घूरता रहता। एक दिन शाम को क्लास खत्म होने के बाद बाकी स्टूडेंट्स चले गए और सिर्फ मैं और मैडम रह गए। उन्होंने कहा कि राहुल आज तुम्हें एक्स्ट्रा क्लास देती हूं क्योंकि तुम पीछे हो। मैंने हां कर दी। कमरा खाली था सिर्फ हम दोनों। उन्होंने किताब खोली लेकिन मेरा ध्यान उनकी चुत पर था जो सलवार के ऊपर से भी उभर रही थी।
धीरे धीरे बातें पर्सनल होने लगीं। उन्होंने पूछा कि तुम्हें गर्लफ्रेंड है क्या। मैंने कहा नहीं मैडम। फिर उन्होंने हंसते हुए कहा कि इतना हैंडसम लड़का और गर्लफ्रेंड नहीं। मैंने हिम्मत करके कहा कि मैडम मैं तो सिर्फ आपमें इंटरेस्टेड हूं। उन्होंने शरमाते हुए कहा कि राहुल ये क्या कह रहे हो मैं तुम्हारी टीचर हूं। लेकिन उनकी आंखों में शरारत थी। मैंने उनका हाथ पकड़ा और कहा कि मैडम मैं आपसे प्यार करता हूं और आपकी चुदाई करना चाहता हूं।
उसके बाद जो हुआ वो मेरी जिंदगी का सबसे हॉट पल था। उन्होंने मुझे खींचकर किस कर लिया। उनके होंठ नरम और गर्म थे। मैंने उनके बूब्स दबाए और वे सिसकारियां भरने लगीं। फिर मैंने उनका कुर्ता उतारा और ब्रा हटाकर उनके बूब्स चूसने लगा। वे चुदक्कड़ निकलीं और बोलीं राहुल मेरी चुत में अपना लंड डाल दो। मैंने अपना लौड़ा बाहर निकाला जो पूरा खड़ा था। उन्होंने घुटनों के बल बैठकर मेरा लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगीं।
फिर मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और उनकी सलवार उतारकर उनकी चुत को चाटा। वे चुदवाती हुई बोलीं और चोद दो मुझे। मैंने अपना लंड उनकी चुत पर रखा और जोर से धकेला। अंदर घुसते ही वे चीख पड़ीं लेकिन फिर चोदने लगीं। मैं उन्हें चोदते हुए जोर जोर से धक्के दे रहा था। उनकी चुत बहुत टाइट और गीली थी। हम दोनों चोद रहे थे और वे चुदवाने के लिए अपनी कमर उठा रही थीं।
मैंने उन्हें कई पोजिशन में चोदा। पहले मिशनरी फिर डॉगी और फिर वो ऊपर बैठकर मेरे लंड पर उछल रही थीं। हर बार वे चिल्ला रही थीं हां और चोद मुझे राहुल। मेरी चुदाई पूरी कर दो। मैंने उन्हें लंड से चोदते हुए उनके बूब्स मसले और होंठ चूसे। आखिरकार मैं उनकी चुत में झड़ गया। वे भी एक साथ चिल्लाकर झड़ गईं।
उसके बाद हम दोनों थककर लेट गए लेकिन रात भर हमने कई बार चुदाई की। वे सच में चुदक्कड़ थीं और मुझे चुदवाने में पूरा मजा ले रही थीं। अगले दिन से हमारी चुदाई रोज चलने लगी। कभी क्लास के बाद कभी उनके घर पर जब अकेले होते। मैं उनका लंड चोदता और वे मेरी चुत चुदवाती।
दोस्तों ये मेरी केमिस्ट्री टीचर के साथ चुदाई की पूरी सच्ची कहानी थी जो मैं लंबे समय से छुपाए रखना चाहता था। अब मैं रोज उनकी चुत में लंड डालकर चोदता हूं और वे चुदवाने के लिए बेताब रहती हैं।
दोस्तों ये मेरी अपनी असली रोमांटिक और सेक्सी घटना है अगर आपको पसंद आई तो कमेंट में जरूर बताना कि आपने इस कहानी को पढ़कर कितनी बार मुठ मारी और क्या आप भी अपनी ऐसी कहानी शेयर करना चाहते हो।
