Widhwa Wife Sex Story – Hindi Sex Story chudai kahani

Hindi Sex Story – 1

ई कहानी है एक 37 साल की विधवा महिला की जिनके पति अभी 2 साल पहले भगवान को प्यारे हो गए और आप लोग तो जानते ही हैं कि ये उम्र में विधवा होना साड़ी के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है और अगर औरत खूबसूरत हो तो और भी सितम पति के मरने के बाद रीमा (चाची) के जवान जिस्म पर नज़र रखना शुरू कर दिया जिसे रीमा ताड़ गई क्योंकि उसके पति के पास काफी पैसा था और वो सब रीमा के ही नाम कर गए थे तो रीमा ने अपनी आबरू (चूत) को बचाने की खातिर अपने लड़के के साथ अलग रहने लगी और धीरे… धीरे अपने पति का करोबार भी संभाल लिया हालाकी ऑफिस में भी सब ही उसके जवान जिस्म को ताड़ते थे इस तरह से करीब 7…8 महीने गुजर गए अब रीमा को अक्सर रात को अपनी जवानी की प्यास तड़पाने लगती थी आखिरी बार कि भी कुछ जरूरी होती है और अब उसको राह…रह कर अपने जेठ की करतूते याद आती थी वो सोश्ती थी कि बेकार ही यहां आ गई अगर घर में रहती तो जेठ जी काम से कम मुझे चूची से कर ही मजा दे देते और यहीं सब सोच…


सोच कर वो अपने हाथ से अपनी चूची दबाने लगती है अक्सर उसकी रातें ऐसे ही करवाते बदलते हुए बीत जाती थी रीमा का लड़का जो अभी सिर्फ 15वें साल का है और अभी पूरी तरह से जवान भी नहीं हो पाया मगर वो क्या है कि आज कल का माहौल ऐसा है कि छोटे…छोटे बच्चे भी चूत और लंड के बारे में सब कुछ जानते हैं क्योंकि उसकी नूनी में भी किसी जवान लड़की को देख कर उसको चोदने का ख्याल आता था और वह भी अक्सर अपने कमरे में बी/एफ की सीडी लगा कर हाथ की मारा करता था ऐसा ही एक दिन रात को रीमा अपनी चूत को अपने हाथ से सहलाने के बाद उंगली करके जब पेशाब करने को बाथरूम जाने को हुई तो बगल में बेटे के कमरे से सिसकने की आवाज आ रही थी वो पहले तो दरवाजे पर कान लगा कर सुनती रही और अंदर से सिसकने की आवाज और तेज हो गई फिर रीमा ने रोसनदान से चाड कर देखा तो वो दंग रह गई अंदर राजू (उनका बेटा) पूरी तरह से नंगा लेता हुआ था और टीवी पे बहुत ही गंदी बी/एफ चल रही थी जिसे देख… देख कर वो अपने लंड को हाथ से सहलाता हुआ मुंह से सिसकियां निकल रहा था

अंदर का नजारा देख कर रीमा की चूत जो कि पहले से ही गर्म थी और ज्यादा तपने लगी और उसका दिमाग खराब हो गया वो झट से उतर के बाथरूम में जा कर पहले अपनी पसीजी गई चूत से चार…चारा कर मूटने लगी और उसके बाद रीमा बेड पे जा कर लेट गई और अपने बेटे और उसके लंड के बारे में सोचने लगी उसके बाद तो फिर ये रोज़ का काम हो गया रीमा रोज़ ही अपने बेटे को बी/एफ देखते हुए रोशनदान से झाँक कर देखती है और कुछ ही देर में उसका लड़का हाथ की लगा कर सो जाता तब वो भी अपने कमरे में जा कर अपनी चूत में उंगली डाल कर कुछ देर अंदर…बाहर करने के बाद इतनी जाती करीब 20 दिन ऐसे ही चलता रहा रीमा ने आखिर बहुत सोच विचार करने के बाद अपने लड़के के साथ चुदवाने का मन बना लिया उसने हर रिश्ते को ताक पर रख दिया और अपने बेटे से चुदवाने की तरकीब सोचने लगी आखिर कार उसने अब घर में सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट पहन ना सुरू कर दिया और ब्लाउज के ऊपर के 2 बटन खोल के रख दिया अक्सर अपना पल्लू भी गिरा देती थी जिसे राजू का ध्यान उसकी चूचियों की तरफ हो जाता था ये देख कर रीमा बहुत खुश होती थी और एक दिन कोलाज की छुट्टी थी राजू घर पे हाय था और रीमा नहाने गई थी और तौलिया अपने कमरे में जान कर चोद आई थी नहाने के बाद उसने राजू को आवाज दी।

बेटा जरा तौलिया पकड़ा देना मैं भूल आई हूं राजू तौलिया लेकर आया तो बाथरूम का दरवाजा भीदा हुआ था रीमा ने थोड़ा सा दरवाजा खोल कर अपना हाथ बड़ा कर तौलिया पकड़ लिया और उसने राजू की तरफ देखा तो वो अंदर झकने को बेकरार दिखा रीमा देख कर बहुत खुश हो गई मगर उसने झट से दरवाजा बंद कर लिया और अपना गोरा बदन पूछने लगी राजू अपने वहीं अपनी मम्मी के रूम में बैठ गया उसके बाद रीमा टॉवल लपेटकर बाहर आ गई और रूम में आने के बाद राजू से बोली अरे बेटा तू यहां बैठा है अपनी मम्मी को राजू ने पहली बार टॉवल में देखा था और तौलिया भी इतना छोटा कि चूची भी पूरी तरह से नहीं ढक पा रही थी और घुटनो से ऊपर का हिसा भी साफ नजर आ रहा था रीमा अपने बेटे को इस तरह से अपनी तरफ देखते हुए अंदर ही अंदर बहुत खुश थी और आज उसने कुछ और ही सोच रखा था राजू उठा कर अपने कमरे में जाने को हुआ तो रीमा बोली बेटा अब तू यहां है तो जरा सा तेल मेरी पीठ पे लगा दे आज कल बहुत तकलीफ़ रहती है राजू घबराने लगा तो रीमा बोली बेटा तू घबरा क्यों रहा है ले मुख्य पीठ के बाल लेट जाती हूं तू अपना मुंह उधर घुमा ले क्योंकि तौलिया बहुत छोटी है मुख्य बिस्तर पर ऐसे ही लेट जाती हूं सिर्फ पीठ के थोड़े से इसे ही तौलिया ढक पाएगी और जहां तक ​​खुला है तू वहां तक ​​तेल लगा देना और रीमा पीठ के बाल लेट गई राजू हाथ में तेल चुपड़ कर मम्मी की पीठ के खुले हुए हिस्से में मालिश करने लगा कुछ देर पीठ में मालिश करने के बाद रीमा बोली बेटा अब जरा सा नीचे जांघों की तरफ खराब जा और हां तौलिये पर ध्यान देना वो ना हटे पाए नहीं तो मैं पीछे से भी नंगी हो जाऊंगी आगे से तो हूं ही ये बात रीमा ने बहुत अलग तरह से कहीं थी राजू अपने हाथ नीचे की तरफ ले जा कर उसके जाँघों की मालिश करने लगा और कुछ देर बाद मालिश करने के बाद रीमा बोली बेटा ऐसा कर तू तौलिया को थोड़ा समेट दे कुछ इस तरह से कि सिर्फ मेरे चूतड ढके रह जाये और बाकी के पूरे हिसे पे मालिश कर दे राजू सन्न रह गया तब रीमा बोली बेटा इसमें इतना सरमा क्यों है मैंने तेरी बहुत मालिश की है और फिर तू तो मेरा राजा बेटा है ना क्या अपनी मां को तकलीफ में तू देख पाएगा?

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राजू ने मम्मी की तौलिया को दूसरा करके सिर्फ उनके चूतड पे रख दिया और फिर उनके पूरे पिछवाड़े की मालिश करने लगा इतनी देर में वो भी गरमा चूका था और अब भी मम्मी के बदन की मालिश करने में बहुत मजा आ रहा था मगर रिस्तो की वजह से वो ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहा था और वो अपनी मम्मी के इरादों से पूरी तरह अंजान था उसके बाद जब वो बुरी तरह से गर्म हो गया और रीमा ने देखा कि अब राजू की हालत खराब है तब वो बोली बेटा अब बस बहुत हो गया अब तुम जाओ वो जानती थी कि इस बात से राजू का मूड खराब हो जाएगा मगर वो पूरी तरह लोहा गरम देख कर हथौड़ा मारना चाहती थी राजू अपने कमरे में चला गया और रीमा ने भी अपने कपड़े पहन लिए और उसके बाद जब रीमा से राजू की नज़र मिली वो उनकी चूचियों की तरफ ही घूरता ही रहा और रीमा अपने लड़के के लंड की तरफ देखा करती थी

उस दिन राजू से अपने बदन की मालिश कराने के बहाने मम्मी जी ने उसको खुल कर अपने खूबसूरत बदन का दीदार करवाया था और उसकी आंखों में तैरती वासना को देख कर अनुभवी मम्मी जी समझ गई थी कि लड़का जवान हो चुका है और फिर वो तो पहला ही उसको बी/एफ देख कर हाथ की लगाते हुए देख चुकी थी और उसके मोटे लौड़े को देख कर ही अनहोने सारी सरमो…हया की माँ को चोदकर अपने सेज लड़के से अपनी चूत फड़वाने की थानी थी और यही सोच कर उस दिन के बाद से वो राजू को अपने बदन का ज्यादा से ज्यादा हिस्स दिखाती थी कभी खाना देते वक्त पल्लू गिराना और कभी झाड़ू… खटके के वक्त चूची दिखाना और कभी बुर को साडी के ऊपर से खुजाना इस तरह से वो राजू को देखते ही ढलने की सोच रही थी और आखिर में रविवार का दिन फिक्स कर लिया कि आज उसने अपनी चूची और बुर रगड़वाउंगी. और रविवार की सुबह को वो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में वॉशरूम में कपड़े धोने चली गई जब मॉर्निंग वॉक से राजू लौट के आया तो अनहोनी की आवाज दी। मम्मी जी: बेटा राजू जरा यहां आ कर मेरे कपड़े धोने में मदद करवा दे थोड़े से ही रह गई है।

और जब राजू वॉशरूम में गया तो मम्मी जी पूरी तरह से गीली हो चुकी थी जिसकी वजह से उनका ब्लाउज उनकी चूचियों से चिपक गया था और जिसके से निपल्स भी साफ दिखाई पड़ रहे थे क्योंकि मम्मी जी ने ब्रा और पैंटी पहनी ही नहीं थी जब उन्होंने राजू को इस तरह से अपनी चूचियां दीं की तरफ निहारता देखा तो वो अंदर ही अंदर खुश हो गई कुछ देर में ही सारे कपड़े खत्म हो गए तो मम्मी जी बोली बेटा ये टी.शर्ट और बारामुडा भी मुझे दे दे इसे भी धो डालूं तो राजू ने वो भी उतार दिया और सिर्फ अपनी फ्रेंची में रह गया हलकी वो अपनी मम्मी को काई बार इस तरह से देख चुका था पर आज पहली बार वो मम्मी के सामने फ्रेंची में था कपड़े धोने के बाद मम्मी जी बोली बेटा ऐसा कर मैं यहीं नहाती हूं तू जरा मेरी पीठ पे साबुन लगा देना और आंटी अपने जिस्म को पानी से तार करने लगी ब्लाउज अभी भी अनहोना नहीं उतारा था जब वो पूरी तरह से भीग गई तब राजू को साबुन पकड़ा कर बोली ले बेटा लगा दे साबुन और राजू साबुन लगाने लगा तब वो बोली अरे बेवकूफ क्या ऊपर से ही लगाएगा ब्लाउज का हुक खोल के उतार दे इसको मैं तेरी तरफ पीठ घुमा के बैठ जाती हूं और फिर राजू ने ब्लाउज उतार दिया अपनी मम्मी की गोरी, गोरी पीठ देख कर उसकी धड़कने भी जवान होने लगी मगर वो उनकी पीठ पर किसी तरह साबुन लगाता जा रहा था तब हाय अचानक मम्मी जी घूम गई जिसकी उनकी बड़ी बड़ी लटकी हुई चूची राजू के सामने की तरफ आ गई तब मम्मी जी बोली ले बेटा जरा इन पे भी रगड़ाई कर दे।

तो राजू को कुछ झिझक होने लगी तो आंटी बोली बेटा तू तो सरमा रहा है आज मैं तुझसे एक बात बता रही हूं देख तू तो जानता ही है कि तेरे पापा को मारे 4 साल हो चुके हैं और अब तू भी समझदार हो गया है और मैंने तेरी ही खातिर 2श्री सदी भी नहीं की तो अब वक़्त आ गया है कि तुझसे खुल कर बात हो जाए पर तू सरमा रहा है तो रहने दे आंटी ने नाराज़ होने का नाटक किया तो राजू बोला नहीं मम्मी मैं सरमाऊँगा नहीं बताऊँ क्या बात है?
मम्मी जी: बेटा देख मैं जानती हूं कि तू भी अब जवान हो चुका है और तुझे भी किसी के साथ की जरूरत है और मेरी भी अभी इतनी ज्यादा उम्र नहीं हुई है कि मैं अपनी सारी जिंदगी अकेली ऐसे ही बिता दूं पर मैं 2श्री सदी नहीं करना चाहती।

राजू: कृपया मम्मी बताएं ना आप मुझसे क्या चाहती हैं।

मम्मी जी: बेटा तू ये मत सोचना कि मैं कितने गिरे हुए किरदार की हूं पर बेटा जिस्म की अपनी भी कुछ जरूरी होती है मैंने कई बार तुझको अपने हाथों से मिथुन (सदका लगाना) करते देखा है और मैं खुद भी यही करती हूं हम दोनों को एक ही चीज की जरूरत है।
मम्मी आप मुझसे खुलकर बात कर सकती हैं बताइये मैं आपके लिए क्या कर सकती हूं?
मम्मी जी: देख बेटा मैं चाहती हूं कि तू मेरी प्यास बुझाए और मैं तेरी प्यास बुझाऊं और ये भी जानती हूं कि ये महा पाप है पर अगर तू किसी बाहर की लड़की को चोदेगा तो पैसा भी फेंकेगा और एड्स का भी खतरा है और ऐसा ही कुछ मेरे साथ भी है।

राजू: हाँ ये तो है पर क्या आप मुझसे प्यास बुझाएँगे?
मम्मी जी: हां पर 2 घंटे पे
राजू: वो क्या?

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मम्मी जी: वो ये है कि पहले तो ये सब बातें किसी को पता नहीं चलनी चाहिए और 2श्री ये कि तू मुझसे जितनी चाहे गंदी जबान में बात कर सकता है और मैं भी चुदवाती हूँ तुझे अपना लड़का नहीं पति मानूँगी ठीक है।
राजू: ठीक है अब देर किस बात की है ब्लाउज तो आप उतार ही चुकी हैं पेटीकोट भी उतार दीजिए।
मम्मी जी: अब चोदने को क्या कह दिया तो तू पूरी तरह उतारू हो गया अरे हराम के पहले मुझे नहला तो चल चूचों पे साबुन लगा उसके बाद मैं तेरे लौड़े पे साबुन लगाऊंगी

उस दिन जब वॉशरूम में मम्मी ने राजू को सारी बाते बता दी तो वो जल्दी से चोदने को बेकरार हो गया तब मम्मी जी बोली साले हराम के पहले तू मुझे नहला तो ले उसके बाद मैं आज तेरे लंड की साड़ी भी साफ कर दूंगी और ये जो तेरा बांस फ्रेंची में उछल कूद मचा रहा है ना उसको अपनी भोसड़ी के बिल में घुसा के गायब कर दूंगी पता भी नहीं चलेगा कि तेरे पास कभी लौड़ा था भी हां नहीं राजू मम्मी जी की चूचियां पर झगड़ा बना कर बहुत नरमियत से रगड़ने लगा कुछ देर की रगड़ाहट में हाय मम्मी जी गर्म हो गई और अपना हाथ राजू की फ्रेंचाइजी के ऊपर से उसके डंडे जैसे खड़े लौड़े पे रख कर सहलाने लगी कुछ देर सहलाने के बाद उन्हें निक्कर खींच के घुटनो पे कर दिया उसके नीचे से राजू किआ फन्नाया हुआ लौड़ा बहार आ गया और किसी सांप की तरह फैनफनाने लगा जैसे मम्मी जी ने अपने 2नो हाथ के बीच में रख कर मथना सुरू कर दिया अब राजू की हालत और खराब होने लगी उसने अपना मुंह मम्मी की चूचियां के बीच की गहरायी में रख दिया उसकी मां, ये कि चूचियां इतनी बड़ी…बड़ी थी कि ऐसे तो वो अक्सर लटकी ही रहती थी पर आज जब मम्मी जी वासना से भर गई तब उनकी वही लटकी हुई चूचियों में गजब का उठान आ गउया था जिसके बीच में राजू ऐसे सारे डाले हुए थे जैसे कोई चिड़िया छुपने की जगह तलाश कर रही हो। भाईयों यहां पर 1 जोक और सुनाती हूं जरा ध्यान दीजिएगा। टीचर: बच्चों जब किसी भैंस का दूध दुआ जाता है उसके बाद वो इतनी नाराज़ क्यों नज़र आती है?

संता: मैम क्यों अगर कोई 2 घंटे आपकी चूचियां दबाए और आपको बिना चोदे ही चोद दे तो आप क्या गुजरेगी?
खैर ये तो मजाक था पर राजू को अपनी मम्मी की चूचियों के बीच की गहना बहुत भा रही थी और वो अपने 2नो हाथ से उनकी दोनों चूचियों को खींच रही थी…खीच कर तान रहा था उसके बाद उसने 1 निप्पल जो काला हो रहा था अपने मुंह में डाल लिया और चुभलाने लगा और मम्मी जी भी उसके लंड से खेल कर उस पर साबुन लगा कर थक चुकी थी उसके बाद मम्मी जी नीचे बैठ गई और उनका पेटीकोट अभी भी उनके जिस्म पर था जबकी राजू पूरा नंगा हो चुका था।
मम्मी जी: ला बेटा जरा अब अपना लौड़ा मेरे मुँह में डाल कर चूसा मैं भी तो देखूँ कैसा स्वाद है इसका बहुत दिन हो गया किसी लौड़े को टेस्ट किया।
राजू: मम्मी जी पापा का लौड़ा कैसा था?

मम्मी: बेटा बहुत जान डर था उनका लौड़ा मैं चूसता था…चूस कर थक जाती थी तब भी उनका रस बाहर नहीं निकलता था और ऐसा झकझोर के चोदते थे कि मुझे अपनी मम्मी और नानी याद आ जाती थी पर मेरा दुर्भाग्य कि मेरी चूत को उनके लौड़े का ज्यादा साथ नसीब नहीं हुआ।
राजू: मम्मी आप परेशान ना होइए मैं हूं ना आखिर मैं भी उसी बाप की औलाद हूं आज आप मेरे लौड़े की औकात भी देख लीजिएगा पर आप बताइए कि ये देखने में कैसा लग रहा है

मम्मी जी: बेटा देखने की तू बस इतना जान ले कि जब से मैंने तुझे अपने कमरे में हाथ की तरह लगाते हुए देखा है तब से मैं तेरे हलब्बी लौड़े को अपनी चूत में डालने की सोच रही थी पर ये जालिम समाज है ना इसके आगे बस नहीं चलता राजू ने अपना तन हुआ लौड़ा पकड़ कर मम्मी जी के मुँह की तरफ बढ़ाया तो महले मम्मी को अपने गाल पर रगड़ने लगी फिर अपनी जबान बहार निकाल कर उसे काटने लगी और पूरी तरह से मम्मी जी ने अपनी जबान से पहले उसके तने हुए भाग को काटा फिर उसके लटके हुए बड़े…बड़े एंडुओ को चाटा और फिर उन्हें पहले उसकी लटकी हुई गोलियों को ही मुंह में डाल लिया और हाथ से लौड़ा सहलाते हुए राजू की गोलियों को चुनने लगी राजू की हालत खराब होती जा रही थी वो अपने 2नो हाथ से मम्मी जी का सर पकड़े हुए थे।

मम्मी जी बहुत देर तक जब चूस..चूस कर थक गई तब फिर से खड़ी हो गई और राजू भी अब अपनी मम्मी की भोसड़ी देखने को बेकरार हुआ जा रहा था मम्मी जी ने खड़े होते ही राजू को नीचे बैठने का इशारा किया और जैसा ही राजू नीचे बैठा मम्मी जी ने उसके सर को अपने पेटीकोट से ढक लिया जैसे कि राजू का सर मम्मी जी के पेटीकोट के अंदर हो गया राजू को कुछ समझ नहीं आ रहा था क्योंकि अंदर कुछ दिख ही नहीं रहा था उसने भी अपने हाथ जारबान की तरफ बढ़ाए और झट से खींच दिया फिर क्या था सरसराता हुआ पेटीकोट वहीं जमीन पर फिसल गया और आंटी की काली झानों से सजी सांवली सलोनी बुर अब राजू को साफ, साफ नजर आने लगी वो कुछ देर तक तो एकटुक उसे ही देखता रहा।

मम्मी जी: बेटा ऐसे क्या देख रहा है…? पहले कभी नहीं देखी क्या?

राजू: मम्मी सही बता रहा हूं आज से पहले कभी किसी औरत को बी/एफ के अलावा कभी भी नंगा नहीं देखा हां वो अलग बात है आप कभी कभी मुझे अपनी चूहियां दिखा दिया करती थी आज पहली बार किसी की चूत देख रहा हूं।
मम्मी जी: और वो भी अपनी माँ की चूत…

राजू: हां ये तो है और आज पहली बार चोदूंगा भी अपनी माँ की चूत ही उसके बाद राजू मम्मी जी की चूत को और करीब से निहारने लगा जो कि लंड अंदर डलवाने के लिए फड़क रही थी।

राजू: मम्मी जी ये फड़फड़ा क्यों रही है.

मम्मी जी: बेटा बहुत दिन से इसने किसी लौड़े को अंदर नहीं लिया है ना इसलिए ही फड़फड़ा रही है।
राजू: मम्मी जी मैंने तो अपना लौड़ा साफ कर रखा है पर अपनी झांटे क्यों बड़ी रखी है?
मम्मी जी: बेटा अब बेचारी का कोई हाल पूछनेवाला नहीं था तो क्या करती झांटे बनकर और इसे एक फ़ायदा ये भी था कि जब ये पैंटी से रगड़ खाती थी तो मेरी चूत को कुछ करार आ जाता था और फिर तेरे बाप से झांटें अनवाने का मजा ही और था।

राजू: मम्मी जी आप अब फ़िक्र ना करो मैं आपका पूरा ख्याल रखूंगा। उसके बाद कुछ देर तक राजू मम्मी जी की चोट रगड़ता रहा फिर अपनी जबान निकल कर कटौती करने लगा।
Mummyji: aayiiiiiiii aaayiiiiiii oooffffff betaaaa aaaaaahhhh maza aa raha hai ahhhhhhhh kasam se tune to ahhhhhhh ooohhh bilkul tere baap ki yaad dila di caat aur caat uske baad ghusa dena andar apni jabaan ko mere laaaaaaal aaaayyiiii kya kutte ki taraah chapar… Chapar आवाज़ के साथ बिल्ली रहा है wwwwwh बेटा नाज़ है मुझे तुझ पर और राजू बहुत देर तक अपनी माँ की चूत चाटता रहा और फिर उसने अपने 2नो हाथ से अपनी मम्मी की चूत को और फेला दिया और अंदर झाँक कर देखने लगा।
मम्मी जी: बेटा क्या झाँक कर देख रहे हो हमें?

राजू: मम्मी मैं देख रहा हूँ कि मेरे बाद आपकी चूत में ऐसा क्या हुआ कि कोई और भाई बाहर ही नहीं आया कुछ दिखायी ही नहीं दे रहा क्या अन्दर जा कर देखूँ?
मम्मीजी: अरे हरामी मज़ाक करता है अपनी माँ से बहन के लौड़े तेरा बाप चाहता था कि हमारा 1लड़का ही हो उसके बाद वो जब भी मुझको चोदता था हमेशा कंडोम लगा कर ही चोदता था जबकी मैंने हमेशा एक बेटी को और पेदा करना चाहा अब बाते ना चोद अपने काम पर लग जा जल्दी से तब राजू ने उसकी फेल हुई भोसड़ी में अपनी 2 उंगली डाल दी और अंदर… बाहर करते हुए अपनी जबान से भी चूस रहा था बुर को।

मम्मी जी: आआह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह्ह बेटा लगता है आज तू मुझे बिना चोदे ही झाड़ देगा अय्इइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइ। और राजू ने अपनी 2उंगली और उसकी चूत में घुसे दी और जब मम्मी जी की भोसड़ी में 4 उंगली एक साथ हो गई तब उसको कुछ परेशानी होने लगी।
मम्मी जी: आआआहह हरामी क्या पूरा हाथ अंदर डालेगा निकाल हाथ को मादरचोद साले दर्द हो रहा है मुझे अभी तुझे उल्टा करके तेरी गांड में मैं अपना हाथ घुसेड़ू तो कैसा लगेगा?

मगर राजू कुछ सुन ही नहीं रहा था वो धकधक हाथ अंदर..बहार करे जा रहा था कुछ देर में मम्मी जी का दर्द कम हुआ तो वो फिर से चालू हो गई अय्इइइइइइइइइइइइ आआआआआ बहुत अच्छा लग रहा बेटा प्लज़्ज़्ज़ आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह और करो मैं बस झड़ने ही वाली हूं और हां तू मेरी चोट से निकले हुए रस को चूस कर देखना बहुत टेस्टी होता है ये आ गया, कुछ देर में, हाय मम्मी जी झरझरा कर झड़ने लगी और आज बहुत दिन बाद उनकी चूत ने जोई पानी फेंकना शुरू किया तो जैसी बरसात ही हो गई क्योंकि 4-5 साल के बाद ऐसी बरसात हुई थी और राजू उनकी चूत से निकले पानी को जितना पि सका पिया उसके बाद भी वो अपने चेहरे को उनकी चूत से रगड़ता रहा।

मम्मी जी: आह बेटा मजा आ गया, अब आज के लिए काफी है।
राजू: बहन की लौड़ी ऐसी कैसी काफ़ी है अभी तो अपनी मूसल तेरी चूत में दहसाना है।
और उसके बाद राजू ने किस बेदर्दी से अपनी माँ की चूत को चोदा  – READMORE

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